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परिश्रम ही सफलता की कुंजी है

परिश्रम ही सफलता की कुंजी है 

भगवान ने मानव जीवन हमें इसलिए दिया है ताकि हम संसार में जो भी वस्तु  चाहे उसको परिश्रम द्वारा हासिल करे। मात्र इच्छा से हमे कोई ही वस्तु प्राप्त नहीं हो सकती है किसी भी वस्तु को प्राप्त करने के लिए हमें परिश्रम करना होता है। यदि लक्ष्य सही हो तो परिश्रम करके हमें इच्छित वस्तु की प्राप्ति हो सकती है।    संसार में कोई भी ऐसी वस्तु  नहीं बनी जिसको प्राप्त करने के लिए परिश्रम की आवश्यकता न हो। हम खाना भी अपना हाथ बढ़ा  कर उठाकर खाते  है और शरीर को चलाने  के लिए भोजन भी हम अपने दांतो से चबा कर देते है यानि परिश्रम करके ही भोजन का भोग करते है। परिश्रम के बिना मानव विकास हो नहीं सकता। यदि हम अपने जीवन में कुछ लक्ष्य प्राप्त करना चाहते है तो उसके लिए हमें परिश्रम करना पड़ेगा। 
   परिश्रम का महत्व तो आदि मानव भी समझ  गया था क्योकि  उसे भी भोजन प्राप्त करने के लिए भी कठोर परिश्रम द्वारा ही जानवरों  को मरने और उन्हें भूनकर खाने के लिए आग के लिए पत्थर का इस्तेमाल किया। परिश्रम द्वारा ही सूखे बंजर खेतों  में हरी भरी फ़सल  लहरा सकती है।  कठोर परिश्रम के द्वारा ही हमारे वैज्ञानिकों ने नए  नए  अविष्कारों से हमारी जिंदगी को आसान बनाया है जिसके कारण  हम मिलों  का सफर चंद  मिनटों  में कर सकते है या घंटो का काम मशीनों द्वारा कुछ ही सेकंडों  में कर सकते है। वैज्ञानिकों  के कठिन परिश्रम के द्वारा ही हमारा भारत उन्नत देशों  की श्रेणी में आता है। 
 परिश्रम का अर्थ है ऐसा श्रम जिसमे विकास और रचना हो। किसी भी कार्य के सफलता बुद्धि और परिश्रम के साथ ही मिलती है। यदि हम परिश्रम ही करते रहे बुद्धि  का इस्तेमाल न करे तो हम थक जायेंगे पर अपना काम कुशलता पूर्वक नहीं पूरा कर पाएंगे।  किसी भी कार्य को सफल बनाने के लिए बुद्धि और परिश्रम की जुगलबंदी होना जरुरी है जैसे मूर्तिकार जब कोई मूर्ति बनता है तो वह छैनी  और हथौड़े  के साथ पत्थर को तराशने का परिश्रम तो करता है परन्तु साथ ही अपनी बुद्धि  से ये कल्पना भी करता है की मूर्ति कैसे सुन्दर बने।
 कुछ लोगों  का मानना  है की परिश्रम कुछ नहीं होता है व्यक्ति का भाग्य ही दुनिया में सब कुछ करता है।  ये सोच कर व्यक्ति आलसी हो जाता है पर वह यह नहीं जानता  की यदि दुनिया के वैज्ञानिक ऐसा सोचते तो वह चाँद पर नहीं पहुंच सकते थे। चाँद पर पहुंचने के लिए वैज्ञानिको ने न जाने कितना परिश्रम किया होगा और कितनी बार असफलता का सामना किया होगा पर उन्होंने कभी भी अपने कदम पीछे नहीं रखे उनका कड़ा परिश्रम और लगन के कारण उसने चाँद पर पहुंचने की उपलब्धि हासिल की।
 परिश्रम के द्वारा ही विजय और धन की प्राप्ति होती है। इतिहास गवाह है की यदि किसी व्यक्ति ने परिश्रम से कोई कार्य किया है तो आज नहीं तो कल उसको निश्चय ही सफलता मिली है। परिश्रम ही सफलता की कुंजी है ये बात उन लोगो के लिए सार्थक है जिन्होंने कठिन मेहनत के दम  पर सफलता हासिल की है। इसलिए हमें निरंतर परिश्रम करते रहना चाहिए जब तक हमें सफलता नहीं मिल जाती। यदि हम परिश्रम करते हुए निराश हो जाए  तो हमें चींटी  का जीवन को याद  करना चाहिए। छोटी से चींटी  अपने जीवन में लगातार परिश्रम करती रहते है वो कभी भी हार  नहीं मानती, गिर जाती है पर फिर उठ जाती है। 

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