परिश्रम ही सफलता की कुंजी है भगवान ने मानव जीवन हमें इसलिए दिया है ताकि हम संसार में जो भी वस्तु चाहे उसको परिश्रम द्वारा हासिल करे। मात्र इच्छा से हमे कोई ही वस्तु प्राप्त नहीं हो सकती है किसी भी वस्तु को प्राप्त करने के लिए हमें परिश्रम करना होता है। यदि लक्ष्य सही हो तो परिश्रम करके हमें इच्छित वस्तु की प्राप्ति हो सकती है। संसार में कोई भी ऐसी वस्तु नहीं बनी जिसको प्राप्त करने के लिए परिश्रम की आवश्यकता न हो। हम खाना भी अपना हाथ बढ़ा कर उठाकर खाते है और शरीर को चलाने के लिए भोजन भी हम अपने दांतो से चबा कर देते है यानि परिश्रम करके ही भोजन का भोग करते है। परिश्रम के बिना मानव विकास हो नहीं सकता। यदि हम अपने जीवन में कुछ लक्ष्य प्राप्त करना चाहते है तो उसके लिए हमें परिश्रम करना पड़ेगा। परिश्रम का महत्व तो आदि मानव भी समझ गया था क्योकि उसे भी भोजन प्राप्त करने के लिए भी कठोर परिश्रम द्वारा ही जानवरों को मरने और उन्हें भूनकर खाने के लिए आग के लिए पत्थर का इस्तेमाल किया। परिश्रम द्वारा ही...