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अनुशासन का महत्व

अनुशासन 
अनुशासन का महत्व 
अनुशासन ही जीवन को प्रगति की और ले जाता है 
अनुशासन क्यों ?
अनुशासन हमारे जीवन में क्यों आवश्यक है
किसी भी व्यक्ति की जीवन में अनुशासन का बहुत महत्व है।  अनुशासन का मतलब परतन्त्र नहीं बल्कि नियमों के अनुसार जीवन को चलाना होता है। अनुशासन का मतलब ही किसी व्यक्ति को समय  परिस्थिति और स्थान के अनुरूप चलना है। बिना अनुशासन के जीवन ऐसा होता है मानो बिना अंकुश के हाथी। केवल अनुशासन ही किसी व्यक्ति को सफ़ल और उच्च दर्जे की जिंदगी दे सकता है।  अनुशासित व्यक्ति ही सफलता की शिखर को छू सकता है। केवल अनुशासन के द्वारा ही हम किसी भी स्थिति को नियंत्रित कर सकते है। किसी सफल व्यक्ति के जीवन का राज ही उसका अनुशासित जीवन है। केवल अनुशासन द्वारा ही हम अपने जीवन में आगे बढ़  कर अपने जीवन के लक्ष्य को पा सकते है। 
अनुशासन के ढेरों  उदाहरण हमें प्रकृति से भी मिल जाते है जैसे सूरज का समय पर हमेशा पूरब दिशा में उगना और समय पर पश्चिम दिशा में छिप  जाना। चाँद का समय समय पर  अपनी कला बदलना। चाँद तारों  की अपनी गति आदि। हमारी धरती पर जीवन और जीवन की सभी आवश्यकता को पूरा करने के लिए प्रकृति का अनेको वस्तुओं जैसे फल , अनाज ,पानी , आदि सब भी अनुशासन  के कारण है। यदि सूरज जब मर्जी निकले तो क्या जीवन चक्र सही रूप में चल सकता है ? ये उदहारण ये ही सिखाते है की यदि अनुशासन है तो जीवन में गति है। 
हमारे जीवन में अनुशासन की शुरुवात ही हमारी बाल्यावस्था में हो जाती है जब हमारे माता -पिता  हमें समय पर उठना,समय पर खाना , समय पर स्कूल जाना आदि बातें  हमें सिखाते है। हमारे विद्यालय में विद्या ग्रहण करते समय हमारे गुरुजन हमें समय पर अपना कार्य करना आदि जैसी बातों  का पाठ  सिखाते है। बिना अनुशासित जीवन के कोई भी विद्या ग्रहण नहीं कर सकता है। केवल अनुशासन द्वारा ही कोई व्यक्ति अच्छी शिक्षा ग्रहण कर देश का अच्छा नागरिक बनता है फिर वह देश को प्रगति के राह  की और ले जा कर देश का नाम रोशन करता है। आज के आधुनिक जीवन में अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अनुशासित जीवन की आवश्यकता है। 
किसी भी व्यक्ति को अनुशासन की आवश्यकता उसके जीवन के हर पहलु पर पड़ती है जैसे विद्याथी जीवन में समय पर अपना पाठ याद करना , समय पर विद्यालय जाना आदि। शिक्षा ग्रहण करने के बाद समय पर कार्यालय जाना और कार्यालय में दिया कार्य समयअवधि  में ख़त्म करना आदि। एक सफल व्यक्ति को हर क्षेत्र में अनुशासन की आवश्यकता पड़ती है। जो  व्यक्ति अनुशासन को बंधन मानते है वो कभी भी सफल नहीं होते है। 
हमारा अच्छा स्वस्थ रहे इसके लिए भी हमें अनुशासित तरीके से अपने खाने -पीने  का ध्यान रखना पड़ता है। किसी भी व्यक्ति का स्वास्थ्य तभी अच्छा रह सकता है जब वो समय पर संतुलित भोजन ग्रहण करे और अच्छे स्वस्थ्य के लिए समय पर व्यायाम आदि करे। माता-पिता को बचपन से ही अपने बच्चो को अच्छे स्वास्थ्य के लिए समय पर खाना , व्यायाम , संतुलित भोजन, खाने में स्वछता के नियमो को बचपन से सीखना चाहिए ताकि उनमे अच्छी आदतें की की जड़ो को निर्माण हो सके। 
अनुशासनहीनता से अनेको हानियाँ  हो सकती है। व्यक्ति आलसी हो सकता है। अच्छी शिक्षा ग्रहण नहीं कर सकता ही जिसके कारण  वह देश के विकास के लिए अच्छा काम नहीं कर सकता क्योकि  वह कार्यकुशल नहीं हो सकता। व्यक्ति गैरजिम्मेवार बनता है। अनुशासनहीनता के कारण वह  अच्छा स्वस्थ भी नहीं पा  सकता है जिसके कारण उसको रोगी होने का खतरा बना रहता है। रोगी व्यक्ति किसी देश पर बोझ  ही होता है। अनुशासित व्यक्ति ग़रीब  बना रह सकता है क्योकि अच्छी शिक्षा के आभाव में अच्छा रोज़गार मिलना असंभव है जब अच्छा रोजगार ही नहीं तो उतना धन की प्राप्ति नहीं हो सकती जितनी की आवश्यकता है। 
अनुशासन ही वह  शिखर है जहाँ  पर हम अपने लक्ष्यों की प्रप्ति  कर सकते है। अनुशासित जीवन ही हमें सही और गलत के मूल्यों को सिखाता है। किसी  का विकास ही उस देश के नागरिकों  का अनुशासित गतिविधियाँ  है। किसी व्यक्ति का सम्मानित जीवन ही उसके अनुशासित जीवन की कहानी कहता है। इसलिए सभी को अनुशासित जीवन का आचरण करना चाहिए। 


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