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यदि मै प्रधानमंत्री होता !

हमारे देश में कई प्रकार की समस्याएँ है जैसे रोजगार समस्या , जातिवाद समस्या , सीमा सुरक्षा समस्या, आदि जिन पर भाषण ज्यादा काम काम होते है।  चुनाव आने से पहले सभी पार्टी बड़े बड़े वादे करती है पर चुनाव जीतने  के बाद सब अपना अपना फायदा करती है देश के लिए काम बहुत कम या नहीं होता है जिसके कारण समस्या वही की वही होती है।  देश की समस्याओँ  को देख कर मेरे मन में कई बार ख्याल आता है कि  अगर मै  प्रधानमंत्री बन जाऊ   तो देश की बहुत सारी  समस्याओ को ख़तम कर दूँगा ।   हमारा देश एक गणतंत्र देश है।  यहाँ पर  कोई भी व्यक्ति प्रधानमंत्री बन सकता है प्रधानमंत्री बनने की प्रक्रिया जितनी आसान लगती है उतनी आसान नहीं होती है इसके लिए व्यक्ति को अपनी एक पार्टी बनानी पड़ती है उस पार्टी में निस्वार्थ  काम करने वाले सदस्य शामिल करने होते है।   चुनाव में बहुमत से जीतना  होता है फिर लोकसभा में अपनी पार्टी का बहुमत सिद्ध करके सरकार बनानी होती है।  लोकसभा में जो भी दल  सरकार बनाने के लिए बहुमत सिद्ध करता है उस दल के नेता हो राष्ट्पति प्रधानमंत्री बनने के लिए आमंत्रित करते है।
यदि मैं प्रधानमंत्री बनना चाहता हूँ तो मुझे भी इस प्रक्रिया से गुजरना होगा और प्रधान मंत्री के कार्यो के लिए नियुक्त  होने के बाद मै  देश के हित  में कई काम करना चाहूँगा। सबसे पहले उन कारणों का पता लगाउँगा जिनके कारण देश के  विकास में बाधा आती है और क्या करण है जिसके कारण  देश में विकास कार्य नहीं हुए।     मैं देश के शिक्षा व्यवस्था को सुधारूँगा मेरा मानना है की बच्चे देश का भविष्य होते है। मैं देश में ऐसी शिक्षा प्रणाली की व्यवस्था करूँगा  जिसमे बच्चे पढ़ने  के साथ तकनीकी  ज्ञान को प्राप्त कर सके जिससे उनके कौशल का विकास साथ साथ हो सके ताकि उसे पढ़ाई  करने के बाद नौकरी के लिए भटकना न हो। उच्च तकनीकी  से युक्त स्कूल, विश्वविद्ययालय और कौशल शिक्षा के लिए मुफ्त पर प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना करुँगा। 
हमारे देश में किसानो की बहुत बुरी दुर्दशा है।  आज का किसान फसल नहीं उगना चाहता है क्योकि  खेती में उनका मुनाफा कम होता है जिसके कारण वह गरीब है। मैं  किसानो के लिए आधुनिक तरीको से कम ज़मीन  पर  ज्यादा फसल से ज्यादा मुनाफ़ा  कमाने के लिए  जानकारियाँ  उपलब्ध कराऊंगा  ताकि नवीन  तकनीकी  द्वारा  वह अपना विकास कर सके।
कुछ लोग नौकरी ढूढ़ने की बजाय , अपना रोजगार चलाने  में ज्यादा रूचि लेते है।  मै अपने नव जवानों  तथा  सरकारी सेवा से मुक्त हुए लोगो के लिए ऐसा इंतजाम करुँगा  ताकि लोग आत्मनिर्भर बन कर देश का भला कर सके। देश को खुशहाली की और ले जाना मेरी प्राथमिकता होगी। मै  चाहता हूँ कि लोगों  को बुढ़ापे तक काम न करना पड़े एक निश्चित आयु के बाद वह सुख से चिन्ता  से मुक्त आराम का जीवन बिताये।
देश के नागरिकों के विकास के साथ देश की सुरक्षा भी जरुरी होती है मै  अपने देश की थल , जल, और वायु सेना को उन सभी प्रकार के साधन से संपन्न बनाने का प्रयास करुँगा  ताकि हमारे जवानो को सुख सुविधा मिले और वे पुरे उंत्साह और चिंतारहित होकर देश को सुरक्षित रखने के लिए कोई कसर बाकि न छोड़े और युद्ध के मैदान में जाकर शत्रु का सामना डट कर करे ऑफ़ उन्हें ऐसा मजा चखाये कि  फिर कभी देश की और आँख उठा कर न देख सके।
देश की वन सम्पदा का अंधाधुंध विनाश किया जा रहा है. मैं चाहता हूँ कि  लोगों  को अधिक से अधिक पेड़ -पौधे लगाने के लिए प्रेरित करने के लिए तरह तरह के कार्यक्रम बनाऊ और जो लोग इस कार्य को आगे विकास की और ले कर जाएगे उन को पुरस्कृत करुँ। वन्य जीवो की सुरक्षा के लिए कठोर कानून बनाउँगा ताकि लोग इनका शिकार न कर सके और वन्य जीवो को बीमारियों से बचने के लिए कई तरह के उपाय अपना करे इन की सुरक्षा करुँगा ।
देश के प्रधानमंत्री का पद बड़ा ही गरिमामय होता है।  मैं  अपने पद के अनुकूल ऐसा कोई काम नहीं करुँगा  जिसके कारण  प्रधानमंत्री की छवि खराब हो और मैं भगवान् से विनती करता हूँ कि  मुझे प्रधानमंत्री बनने का मौका दे ताकि मैं अपने देश की सेवा कर सकूं।

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