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सर्व शिक्षा अभियान, सब के लिए हो शिक्षा अनिवार्य

सर्व शिक्षा अभियान 
शिक्षा समाज के लिए एक ऐसा साधन है जो व्यक्ति और समाज के नैतिक, आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए आवश्यक है। शिक्षा ही हमारे लोकतंत्र की रक्षा करती है।  शिक्षा हमें सही और गलत में भेद करना सिखाती है। हमारा मानसिक ,सामाजिक और बौद्धिक और सांस्कृतिक विकास केवल शिक्षा द्वारा ही संभव हो सकता है। अशिक्षित व्यक्ति कभी ही देश के प्रति जागरूक और सजग नागरिक नहीं हो सकता है। शिक्षा के अभाव  में देश कही भी उन्नति नहीं कर सकता है। केवल शिक्षित व्यक्ति देश को उन्नति के शिखर पर ले जा सकता है। 
        एक समय था जब हमारे देश की शिक्षा विश्व जगत में प्रसिद्ध थी। हमारे देश के ऋषि ,मुनि , आचार्यो के गूढ़ के ज्ञान उस समय की प्रगति का सूचक है। इसका उदहारण रामायण में रावण के पास उड़ने वाला रथ , और महाभारत में कई तरह के अस्त्र और शस्त्र  से युद्ध करना आदि है।  इन उदहारण  से पता चलता है की उस युग में शिक्षा का स्तर अपने उन्न्त शिखर पर था परन्तु उस युग में शिक्षा के व्यवस्था केवल राजकुमारों , राजाओं  और उनके घरानो के लिए थी। दुर्भाग्यवंश भारत को लगभग सैकड़ो  सालों  दासता  का दुःख सहना पड़ा था। इस दौर  में अनेकों  राजाओं  ने देश पर राज किया और शिक्षा की व्यावस्था  को केवल अपने शिक्षा और अपनी आवश्यकता के अनुसार चलने के प्रयास किया इसका परिणाम ये हुआ की शिक्षा केवल उन लोगो के लिए अनिवार्य हो गयी जिसने जीवन यापन के लिए नौकरी करनी हो या शासन करना हो। 
 हमारा देश स्वंत्रता के बाद एक   लोकतान्त्रिक देश बन गया।  लोकतंत्र शासन को केवल शिक्षित नागरिक की नियंत्रित कर सकते है क्योकि लोकतान्त्रिक शासन में देश का हर नागरिक शासक होता है वह अच्छे शासक की तरह देश को उन्नति की और ले जा सकता है और अपने साथ अन्य लोगो को प्रगति की राह  दे सकता है। हमारा देश में देश को चलने के लिए सरकार जनता चुनती है इसके लिए यदि देश के नागरिक शिक्षित हो तो एक ऐसी सरकार को चुन सकता है जो देश को उन्नति की और ली जाय  और देश में रहने वाले नागरिको का विकास कर सके। 
आज हमारा देश अपने देश की शिक्षा के लिए बहुत से काम कर रहा है। सभी के लिए शिक्षा अनिवार्य हो ये हमारा एक मौलिक अधिकार है।  देश में निरक्षकता को ख़तम करने के लिए हमारी सरकार ने चौदह वर्ष तक के सभी बच्चो के लिए निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था की है। निरक्षरता को ख़त्म करने के लिए देश के सभी बच्चे स्कूल जाये इसके लिए चौदह वर्ष के बच्चो से मजदूरी  करवाना या नौकर रखना आदि  के लिए  दंड का प्रवधान रखा है। इस तरह के कृत्य के लिए काम करवाने वालो को आपराधिक घोषित किया  जायेगा। सभी गरीब बच्चो को स्कूल जाने के लिए प्रेरित करने के लिए मुफ्त किताबें,  वर्दी , वजीफ़ा और मध्यकालीन समय में पौष्टिक भोजन की व्वयस्था  की है ताकि गरीब बच्चों  को शिक्षा हासिल करने में कोई मुश्किलें न हो।  
सर्वशिक्षा या साक्षरता अभियान का मतलब एक ऐसा अभियान है जिसमे देश के सभी नागरिकों  को अक्षर ज्ञान,और जीवन यापन के लिए अनिवार्य ज्ञान जिसमे हिसाब किताब , स्वस्थ्य के प्रति जागरूकता आदि के लिए शिक्षित करना है। भारत का केरल एक ऐसा राज्य है जहां  पूर्ण राज्य शिक्षित है। हमारे देश में लड़कियों के लिए शिक्षा के लिए विशेष व्यवस्था है। इसके लिए हमारी सरकार ने कई कदम उठाये है। शिक्षा अभियान के लिए सरकार ही केवल कार्य नहीं कर रही है बल्कि समाज के कई संस्थाए  भी शिक्षा अभियान के लिए महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। शिक्षा सबका एक मौलिक अधिकार है और हमें ऐसे प्रयास करना चाहिए ताकि हमारा पूरा समाज अपने देश के इस कलंक को हटाने के लिए जी जान से इस सर्वशिक्षा अभियान में जुट जाये और देश को शिक्षित बनाने में अपना योगदान दे। 


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