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गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस 
त्योहर दो प्रकार के होते है राष्ट्रीय और धार्मिक।  भारत देश में दोनों ही तरह के त्योहार  बड़ी धूमधाम के साथ मनाये जाते है। अन्य त्योहारों की तरह  हमारे देश में राष्ट्रीय त्योहारों को भी बड़े उल्लास के साथ मनाया जाता है। गणतंत्र दिवस एक राष्ट्रीय पर्व   है अन्य राष्ट्रीय त्योहारों की तरह  गणतंत्र दिवस को  भी बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है। राष्ट्रीय त्योहारों को धूमधाम से मनाये जाने का मतलब देश में एकता और अखंडता को बढ़ाना और इसको बनाये रखने के लिए लोगों  को प्रेरित करना है। गणतंत्र दिवस के दिन पूरे  देश जगह जगह  में परेड और सांस्कृतिक कार्यकर्मो का आयोजन होता है। 
गणतंत्र का अर्थ है गण  यानि लोग और तंत्र यानि काम करने की नीति यानि  लोगो द्वारा बनाया गया तंत्र यानि लोगों  द्वारा बनाये जाने वाली अपनी सरकार और नियम कानून।  आजादी के बाद भी भारत में अन्य देश का संविधान  लागू  था जिससे भारतीय लोगो की हित में काम करने और देश का विकास करने के लिए बड़ी मुश्किलें आ रही थी।  देश के नागरिको को समान  रूप से हक़ नहीं मिल रहा था।  तब देश को ऐसे संविधान की आवश्यकता पड़ी जिससे देश के सभी नागरिकों  का हित हो और देश प्रगति की और जाये , देश के नागरिकों  को समान अधिकार और न्याय  मिल सकेतथा देश खुद को दुनिया के सामने लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित कर सके।  इसके लिए वरिष्ठ लोगो की एक समिति का गठन हुआ इस समिति के अध्यक्षक  डॉ भीमराव अम्बेडकर थे।  डॉ  अम्बेडकर के नेतृत्व में भारतीय संविधान की रचना हुई। इसको तैयार करने  में 2  साल 11  महीने और 18 दिन लगे।ये संविधान संसार के सबसे बड़े संविधानो में से एक है इसको बनाने के लिए हमारे संविधान के निर्माताओं ने अनेकों देश के संविधानों  से अच्छे गुणों को चुनकर भारतीय संविधान का निर्माण किया।  वैसे तो संविधान साल 1946  में बन गया था पर इसको लागू  26 जनवरी 1950  को किया गया था। 26 जनवरी 1950 के दिन से देश दुनिया के सामने संप्रभु , लोकतान्त्रिक गणराज्य  के रूप में स्थापित हुआ और हमारा देश सम्पूर्ण रूप से स्वतंत्र देश कहलाया। 
गणतंत्र दिवस  को मनाने के लिए देश में कई प्रकार के कार्यकर्मों  का आयोजन किया जाता है।  हमारे देश के राजधानी दिल्ली में तो इस पर्व को विशेष प्रकार से मनाया जाता है।  दिल्ली में इंडिया गेट पर भव्य कार्यक्रम  का आयोजन होता है।  इस कार्यक्रम की शुरुवात देश के राष्ट्रपति के ध्वजारोहण से होती है। इसके बाद एक विशाल परेड का आयोजन होता है जिसमे सेना के अलग अलग टुकड़ियों की परेड , स्कूली बच्चो द्वारा रंगारंग कार्यक्रम ,अलग अलग राज्यों की झाकियाँ , विभिन्न पुरस्कार वितरण आदि होते है और राष्ट्रीय गान के साथ इस कार्यकर्म का समापन होता है।  देश की राजधानी दिल्ली के साथ गणतंत्र दिवस  को मनाने के लिए देश के अलग अलग हिस्सों में कई तरह के रंगारंग कार्यक्रम  का आयोजन होता है।  इस उत्सव को मनाने के लिए तैयारियाँ महीनों  पहले से शुरू हो जाती है।  देश के अनेको शिक्षण संस्थाएँ , स्कूल , कॉलेज  और अन्य प्रकार की  संस्थायें कई प्रकार के पुरुस्कार वितरण और सांस्कृतिक कार्यकर्मों  के आयोजन द्वारा देश से प्रेम और भारतीय संविधान के प्रति श्रद्धा का प्रदर्शन कर दुनिया में अपने देश का गौरव प्रदर्शन करती है।  
इस दिन की गरिमा को बनाये रखने के लिए हम भी कर्तव्य है की हम देश में एकता और शांति बनायें तथा देश के गौरव को बढ़ाने के लिए कार्य करे। देश के सभी नागरिकों  का कर्तव्य है की वो ऐसा काम करे जिससे देश प्रगति की और जाये और दुनिया में विकसित देश के रूप में स्थापित हो सके। 



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