आज के युग में विज्ञान इतनी तरक्की कर चुका है कि इस युग को विज्ञान का युग कहना गलत नहीं है। हमारे जीवन में हमारी जरुरत को पूरा करने में विज्ञान की बहुत बड़ी भूमिका है। चाहे शिक्षा , कृषि , चिकित्सा आदि क्षेत्र हो ,आज विज्ञान ने हर क्षेत्र में तरक्की कर ली है। हमारे सम्पूर्ण जीवन को आरामदेह बनाने में विज्ञान का बहुत बड़ा योगदान है।
मंगल ग्रह की खोज या उसके बारे में जानकारियाँ जुटाना हो या किसी भी ग्रह के बारे रोचक जानकारियाँ पाना हो , या तीव्रगामी वायुयान से एक जगह से दूसरी जगह कुछ घंटो में पहुंच जाना हो , जहाँ जाना असंभव हो वहाँ पर भी विज्ञान की खोजो ने सब संभव कर दिया है। आज कंप्यूटर , टीवी, सिनेमा आदि जानकारियों के साथ मनोरजन के साधन भी विज्ञान की देन है। विज्ञान के कारण आज अंतरिक्षयान करोड़ो किलोमीटर दूर शुक्र , मंगल, शनि आदि ग्रहों की यात्रा करके वहाँ से दुर्लभ चित्र भेज कर वहाँ की जानकारियों से विज्ञान को नयी नयी खोजों के लिए प्रेरित करता है तथा वहाँ के जीवन की जानकारियाँ प्रदान करता है।
आधुनिक युग में चिकित्सा के क्षेत्र में बहुत तरक्की हुई है आज विज्ञानं के कारण यंत्रो की सहायता से ऑपरेशन तथा अंगों के प्रतिरोपण संभव हुए है। इसी विज्ञान के कारण आज का मनुष्य दीर्धायु होता जा रहा है। चिकित्सा क्षेत्र में आज इतनी तरक़्क़ी हो गयी है की डॉक्टर चाहे मीलो दूर हो वही से बैठे बैठे डॉक्टर ऑपरेशन और इलाज कर सकते है।
हमारे निजी जीवन में भी विज्ञान का प्रवेश हो गया है हम कोई भी अपना काम चाहे खाना पकाना हो या कपडे धोना या घर की साफ़ सफाई का काम ,बिना मशीन के नहीं कर सकते है। आज हर किसी के पास अपना मोबाईल फोन है जिसमे इंटरनेट के सुविधा है जिसके द्वारा वह कही भी बैठ कर बात कर सकता है।
इसी विज्ञान ने हमें सुख सुविधा तो प्रदान की है साथ ही देश सुरक्षा के लिए कई तरह के हथियारों और बमों के अबिष्कार भी किये है। आज कई ऐसी रक्षा यंत्रो के आविष्कार हुए है जो क्षण भर में पूरी दुनिया को ख़तम करने की क्षमता रखते है। आज के दौर में परमाणु बम बनाने की होड़ सी मच गयी है। आज के युग में चाहे यातायात के साधन हो या कारखाने ये भी आधुनिक विज्ञान का हिस्सा है।
आज के युग में विज्ञान ने इतनी तरक्की कर ली है पर हमारे संस्कारों और नैतिकता का अंत कर दिया है। आधुनकता के दौर में मनुष्य लालची हो गया है अपनी लालच में वो इस विज्ञान का दुरूपयोग भी कर रहा है जो की मानव जीवन पर एक अभिशाप बन गया है
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